20 सालों में हज़ारों हिन्दू व सैनिको को इस्लामिक आतंकियों ने मारा, कितनी बार काली पट्टी बाँधी ?

सीट को लेकर हुई लड़ाई में 1 मुस्लिम की हत्या हुई, फिर मुस्लिम हाथ पर काली पट्टी बाँध ईद मना रहे है, कांग्रेस और वामपंथियों ने इसे हिन्दुओ द्वारा  मुसलमानो पर अत्याचार करार दे दिया 

अब जरा कुछ नीचे भी देखिये 

1--12 मार्च 1993 को पूरे मुंबई में सीरियल धमाके हुए। इन धमाकों के पीछे डी कंपनी का हाथ था। इस हमले में 257 लोग मारे गए थे, जबकि 713 लोग घायल हुए थे।

2-- 14 फरवरी 1998 में इस्लामिक ग्रुप अल उम्माह ने कोयंबटूर में 11 अलग-अलग जगहों पर 12 बम धमाके किए। इसमें 60 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 लोग घायल हुए थे।

3-- 3 नवंबर, 1999 को श्रीनगर के बादाम बाग में हुए आतंकवादी हमले में 10 जवान शहीद हो गए।

4-- 1 अक्टूबर 2001 को भवन जैश ए मोहम्मद ने 3 आत्मघाती हमलावरों ने विधानसभा भवन पर कार बम हमला किया। इसमें 38 लोग मारे गए।

5-- 13 दिसंबर 2001 में लश्करे तैयबा और जैश मोहम्मद के 5 आतंकवादी भारत के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले संसद भवन परिसर में घुस गए। हालांकि सुरक्षा बलों ने आतंकियों को मार गिराया और आतंकी अपने मंसूबे में नाकाम हो गए। हमले के समय संसद भवन में 100 राजनेता मौजूद थे। इस हमले में 6 पुलिसकर्मी और 3 संसद भवन कर्मी मारे गए।

6--14 मई, 2002 को जम्मू कश्मीर के कालूचक में हुए हमले में 21 जवान शहीद गए और जबकि 36 अन्य लोगों की मौत हो गई।

7-- 24 सितंबर 2002 में लश्कर और जैश ए मोहम्मद के 2 आतंकी मुर्तजा हाफिज यासिन और अशरफ अली मोहम्मद फारूख दोपहर 3 बजे अक्षरधाम मंदिर में घुस गए। इनके हमले में 31 लोग मारे गए जबकि 80 लोग घायल हो गए थे।

8-- 22 जुलाई, 2003 को जम्मू कश्मीर के अखनूर में हुए आतंकी हमले में 8 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए।

9-- 29 अक्टूबर 2005 में दीवाली से 2 दिन पहले आतंकियों ने 3 बम धमाके किए। 2 धमाके सरोजनी नगर और पहाड़गंज जैसे मुख्य बाजारों में हुए। तीसरा धमाका गोविंदपुरी में एक बस में हुआ। इसमें कुल 63 लोग मारे गए जबकि 210 लोग घायल हुए थे।

10-- 11 जुलाई 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में अलग-अलग 7 बम विस्फोट हुए। सभी विस्फोटक फर्स्ट क्लास कोच में बम रखे गए थे। इन धमाकों में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ था। इसमें कुल 210 लोग मारे गए थे और 715 लोग जख्मी हुए थे।

11-- 5 अक्टूबर 2006 श्रीनगर में हुए हमले 7 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए।

12-- भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 19 फरवरी, 2007 को हुए धमाके में 66 यात्री मारे गए।

13--जयपुर विस्फोट : गुलाबी नगरी जयपुर में 13 मई 2008 में 15 मिनट के अंदर 9 बम धमाके हुए। इन धमाकों में कुल 63 लोग मारे गए थे जबकि 210 लोग घायल हुए थे।

14-- अहमदाबाद में 26 जुलाई, 2008 के दिन दो घंटे के भीतर 20 बम विस्फोट होने से 50 से अधिक लोग मारे गए। इस दौरान सूरत और बड़ौदा से भी बम बरामद हुए थे।

15-- 26/11 मुंबई आतंकी हमला : 26 नवंबर, 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आत्मघाती हमलावरों ने सीरियल बम धमाकों के अलावा कई जगहों पर अंधाधुंध फायरिंग की। आतंकियों ने नरीमन हाउस, होटल ताज और होटल ओबेराय को कब्जे में ले लिया था। इस हमले में करीब 180 लोग मारे गए थे और करीब 300 लोग घायल हुए थे। आतंकवादी कसाब पकड़ा गया था, जिसे मुकदमे के बाद फांसी दे दी गई।

16-- पुणे की जर्मन बेकरी में 10 फरवरी, 2010 को हुए बम धमाके में नौ लोग मारे गए और 45 घायल हुए। बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 17 अप्रैल, 2010 में हुए दो बम धमाकों में 15 लोगों की मौत हो गई।

उपरोक्त सभी आतंकवादी घटनायें कट्टर इस्लामिक आतंकवादी संगठनों द्वारा अंजाम दी गयी। इसके अलावा सैंकड़ों छोटी मोटी हिंसक घटनायें...

क्या किसी को जानकारी है कभी भारतीय मुस्लिमों ने इन घटनाओं के विरोध में आंख के सिवाय कहीं और काली पट्टी बांधी हो ? 

मुस्लिम आतंकियों ने इस देश में हज़ारों हिन्दुओ और सैनिको की हत्या पिछले 20 सालों में की है, मुस्लिमो ने इसके खिलाफ कितनी बार  काली पट्टी बाँध ईद मनाई पिछले 20 सालों में, और कांग्रेस तथा वामपंथियों ने कितनी बार इसके खिलाफ मार्च किया ? 

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