क्या वाकई फंसाया गया है संत आसाराम बापू को ? लड़की की मेडिकल रिपोर्ट तो चीख चीख कर यही कह रही है ?

पहले तो आप ये वीडियो देखिये जो तत्कालीन जोधपुर DCP श्री अजय लाम्बा जी का है, तभी आपको हमारी कही हुई बात समझ आएगी सुनिए उनको  जो मीडिया के सामने खुद कह रहे है की लड़की ने FIR में बलात्कार की बात नही लिखी है और न ही IPC 376 का कहीं जिक्र है  .

navbharattimes.info के हाथ लड़की की मेडिकल रिपोर्ट लगी है जिसमे साफ़ साफ़ लिखा है की लड़की के शरीर पर कहीं भी चोट का कोई निशान नहीं है और डॉक्टर ने ये भी लिखा है की लड़की का intact hymen है मतलब लड़की वर्जिन है . 

अब आप देखिये लड़की की मेडिकल रिपोर्ट अगर आपको समझ न आये तो किसी डॉक्टर से पढवाये जिसमे साफ साफ लिखा है लड़की का  intact hymen है मतलब लड़की वर्जिन है . 

 

मेडिकल रिपोर्ट में साफ़ साफ लिखा है न कोई चोट का निशान न ही किसी प्रकार की जोर जबरदस्ती का उसके बावजूद मीडिया ने इस केस को बलात्कार का केस बना कर एक निर्दोष हिन्दू संत को क्यों बदनाम किया?

घंटो बिना ब्रेक के लगातार कार्यक्रम चलाये गए और बलात्कार बलात्कार चिल्ला के आम जनता के बीच केस की गलत छवि पेश क्यों की मीडिया ने, क्या संत आसाराम बापू को फ़साने में मीडिया घराने भी मिले हुए है ?

अब सवाल ये उठता है की जब कहीं भी बलात्कार का जिक्र नहीं है न FIR में न ही मेडिकल रिपोर्ट में तो मीडिया ने क्यों बदनाम किया संत आसाराम बापू को , क्या मिला इनको। .आइये हम बताते है आपको।  

असली वजह है संत आसाराम बापू द्वारा किये जा रहे है सेवा कार्य झारखण्ड , उड़ीसा , छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए और जिस कारन धर्मांतरण वाले अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो पा रहे थे।  

संत आसाराम बापू ने हजारो आदिवासियों की घर वापसी करवाई थी इसके अलावा संत आसाराम बापू ने गुरुकुल भी खोले थे करीब 50 इसमें करीब 50000 से ज्यादा बच्चे वैदिक तरीके से शिक्षा ग्रहण करते है वो भी इनकी आँखों में खटकता था 

एक और मुख्य वजह थी 2014 के आम चुनाव उसको नज़र में रखते हुए कांग्रेस ने हिन्दू वोटो को बांटने के लिए ये सारा खेल खेला की हिन्दू साधु को बदनाम कर दो फिर इन साधु संतो का जो भी नेता साथ देगा जनता उसको भी वोट नहीं करेगी। 

इसके बाद सुनियोजित तरीके से मीडिया घरानो को पैसे दिए गए संत आसाराम बापू पर कार्यक्रम चलाने के लिए .

संत आसाराम बापू पर किया गया केस ही अपने आप में संदेह के घेरे में है क्यूंकि घटना हुई जोधपुर में , लड़की पढ़ती थी मध्य  प्रदेश के छिंदवाड़ा में और लड़की रहती है उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में और उसने FIR दर्ज कराई रात के ३ बजे नई दिल्ली के थाने में। इसका एक ही कारन था कि दिल्ली पुलिस केंद्र के अधीन आती है और उस समय केंद्र में सरकार थी कांग्रेस की जो इस षड़यण्त्र में शामिल थी.

उसके बाद कई मीडिया घरानो ने संत आसाराम बापू को बदनाम करने के लिए नकली वीडियो बना बना के अपनी वेबसाइट पर अपलोड किये और जब कोर्ट ने नोटिस दिया तब हटाया लेकिन तब तक वो वीडियो काफी बदनामी कर चुके थे एक हिन्दू संत की। 

NDTV  ने फ़र्ज़ी वीडियो बना के बदनाम किया  संत आसाराम बापू को अब कोर्ट का डंडा पड़ा तो मांगी माफ़ी 

NDTV ने अपनी वेबसाइट पर एक अश्लील वीडियो ट्रिक वीडियोग्राफी द्वारा बनवाके अपनी वेबसाइट पर डाला था संत आसाराम बापू को बदनाम करने के लिए। इस वीडियो में संत आसाराम बापू का चेहरा एक अन्य व्यक्ति के चेहरे पर फिट करके अश्लील हरकत करते दिखाया गया था।  इस तरह के कई वीडियो YOUTUBE पर अपलोड किये गए है अन्य न्यूज़ चैनल द्वारा भी , हिंदुस्तान की भोलीभाली जनता को मुर्ख बनाने के लिए और वो जानते है की आम जनता इस तकनीकी से अवगत नहीं है इसलिए वो इन फ़र्ज़ी वीडियो को सच मान लेते है .

इस वीडियो को लेकर संत आसाराम बापू के भक्तो ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया और उम्मीद के मुताबिक कोर्ट ने संज्ञान लेते हुई NDTV चैनल को नोटिस जारी किया।नोटिस मितले ही NDTV समूह ने संत आसाराम बापू के भक्तो से माफ़ी मांगी तथा वो वीडियो अपनी वेबसाइट से हटा लिया ये देखिये उनका माफीनामा 

कैसे षड्यंत्र के तहत फंसाये गए संत आसाराम बापू खुद सुनिए श्री सुब्रमण्यम स्वामी के मुख से 

 

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