NDTV ने फ़र्ज़ी वीडियो बना के बदनाम किया संत आसाराम बापू को अब कोर्ट का डंडा पड़ा तो मांगी माफ़ी

जी हाँ हम आप से हमेशा से कहते आ रहे है की संत आसाराम बापू  को मीडिया और ईसाई मिशनरियों ने षड़यंत्र के तहत फसाया है क्यूंकि वो धर्मान्तरण कराने वाली संस्थाओ के किये हुए पर पानी फेर रहे थे.

संत आसाराम बापू जी 2012 में झारखण्ड में 8000 आदिवासिओं को फिर से हिन्दू बनाया था जो की पैसे के लालच देकर  ईसाई बनाये गए थे तबसे आसाराम बापू इन लोगो को कांटे की तरह चुभते थे फिर वर्तमान कांग्रेस सरकार ने  ईसाई मिशनरियों और मीडिया के साथ मिलकर आसाराम बापू को फसा दिया एक झूठे RAPE केस में.

इसी क्रम में NDTV ने अपनी वेबसाइट पर एक अश्लील वीडियो ट्रिक वीडियोग्राफी द्वारा बनवाके अपनी वेबसाइट पर डाला था संत आसाराम बापू को बदनाम करने के लिए। इस वीडियो में संत आसाराम बापू का चेहरा एक अन्य व्यक्ति के चेहरे पर फिट करके अश्लील हरकत करते दिखाया गया था।  इस तरह के कई वीडियो YOUTUBE पर अपलोड किये गए है अन्य न्यूज़ चैनल द्वारा भी , हिंदुस्तान की भोलीभाली जनता को मुर्ख बनाने के लिए और वो जानते है की आम जनता इस तकनीकी से अवगत नहीं है इसलिए वो इन फ़र्ज़ी वीडियो को सच मान लेते है .

इस वीडियो को लेकर संत आसाराम बापू के भक्तो ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया और उम्मीद के मुताबिक कोर्ट ने संज्ञान लेते हुई NDTV चैनल को नोटिस जारी किया।

नोटिस मितले ही NDTV समूह ने संत आसाराम बापू के भक्तो से माफ़ी मांगी तथा वो वीडियो अपनी वेबसाइट से हटा लिया ये देखिये उनका माफीनामा 

अब सवाल ये उठता है की कब तक मीडिया पैसा खा के हिन्दू साधु संतो को बदनाम करती रहेगी ? और हिंदुस्तान के निष्क्रिय हिन्दू भी कब तक मीडिया को आँख बंद करके फॉलो करते रहेंगे ? सारे कानून सिर्फ हिन्दू साधु संतो के लिए बनाये गए ? पहले बदनाम किया TRP बढ़ाने के लिए अब जब पकडे गए तो चुपके से माफ़ी मांग ली। क्या इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही होगी कानून द्वारा या मीडिया सबसे ऊपर है ?

मीडिया ने एक ऐसे केस को बलात्कार का केस बना दिया जिसमे FIR में कहीं भी RAPE का जिक्र नहीं है  देखिये जोधपुर पुलिस की प्रेस कांफ्रेंस जिसे मीडिया ने आपको नहीं दिखाया जिसमे DCP JODHPUR साफ साफ कह रहे है की FIR में IPC 376 की धारा नही लगायी गयी है  फिर भी मीडिया बलात्कार बलात्कार चिल्लाता रहा .

आसाराम बापू को कसूरवार ठहराकर और उनकी इस इमेज से रेटिंग बटोरने के प्रयास में प्राय टीवी चैनल्स और प्रिंट मीडिया ऑन-रिकॉर्ड तथ्यों को नजरअंदाज कर और मुद्दे के सभी पहलुओं को बिना पड़ताल कर या फिर एक प्रकार से बनाये हुए खास पहलु को तूल देकर गवाहों के मामलों पर कवरेज कर रहे हैं.

ये संत आसाराम बापू को फ़साने और बदनाम करने में षड़यंत्रकारियों की और विदेशी फंड से चलने वाली मीडिया की मिलीभगत कर रही हैं।


सब जानते है क़ि संत आसाराम बापू ने खुलेआम ‪#‎सोनिया‬ और मिशनरियों को चुनौती दी हुई है।

आज सर्वसाधारण भी ये जानते है की संत आसाराम बापू के साथ सोची समझी साजिश है...

क्योंकि लाखों ‪#‎ईसाई‬ बने ‪#‎हिंदुओं‬ की घरवापसी करवाई संत आसाराम बापू ने..

‪#‎धर्मांतरण‬ में सबसे बड़ी रूकावट बने संत आसाराम बापू...

दारू, सिगरेट आदि करोड़ों लोगो को छुड़ाकर विदेशी कंपनियो का सबसे बड़ा नुकसान करवाने वाले संत आसाराम बापू...

‪#‎हिन्दू_संस्कृति‬ का परचम विश्व में लहराने वाले संत आशारामजी बापू...

ड़ॉ. ‪#‎सुब्रमण्यम‬ 'स्वामी जी ने भी बताया है क़ि संत आसाराम बापू को फ़साने के पीछे सोनिया गाँधी और ईसाई मिशनरियों का पूरा हाथ है। और हाल ही में जम्मू पुलिस द्वारा बापूजी को फ़साने में सिमी संगठन का भी नाम सामने आया है।

खुद ‪#‎IBN7‬ के वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष ने भी खुलासा किया क़ि आसाराम बापू केस में झूठी खबरों का बोल बाला हो रहा है केवल और केवल पैसा और TRP के लिए ।

मीडिया द्वारा संत आसाराम बापू को बदनाम करने की कोशिश ने मीडिया पर ही प्रश्नचिन्ह लगा दिया है । उनको पता है की बापूजी बाहर आयेंगे तो हम सभीकी दुकानदारी बंद हो जायेगी।

आज काफी सवाल उठ रहे है सबके मन मस्तिष्क में...
क़ि क्यों मीडिया देश के महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़कर सिर्फ और सिर्फ संत आसाराम बापू को ही हर समय कटघरे में खड़ा कर रही है।

 

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